SC की किसानों को नसीहत- ‘विरोध का तरीका बदलें’, केंद्र सरकार को दी ये सलाह

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ब्यूरो: नए कृषि कानूनों को लेकर उपजे विवाद के चलते किसान आंदोलन के 20वें दिन भी गतिरोध जारी है। दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसान अपन जिद पर अड़े हुए हैं। वहीं केंद्र सरकार बातचीत के जरिए समाधान की हर संभव कोशिश कर रही है।

इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के नाम खुली चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने किसान भाइयों और बहनों से विनम्र आह्वान किया है।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में किसानों को सड़कों से हटाने की याचिका पर दूसरे दिन सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य न्यायधीश एस. ए. बोबडे की बेंच ने किसानों को नसीहत और केंद्र सरकार को समाधान तलाशने की सलाह दी है।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की बेंच ने अहम बातें कहीं
हम कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने के बुनियादी हक को मानते हैं, इसे छीनने का कोई सवाल नहीं उठता। लेकिन इससे किसी की जान को खतरा नहीं होना चाहिए। किसानों को प्रदर्शन का हक है। हम उसमें दखल नहीं देंगे, लेकिन प्रदर्शन के तरीकों पर हम गौर करेंगे। हम केंद्र से कहेंगे कि जिस तरह से प्रदर्शन किया जा रहा है, उसमें थोड़ी तब्दीली लाएं ताकि इससे आवाजाही करने के नागरिकों के अधिकार पर असर न पड़े।

केंद्र सरकार और किसानों को बातचीत करनी चाहिए। हम इस पर विचार कर रहे हैं कि एक निष्पक्ष और स्वतंत्र कमेटी बनाई जाए, ताकि दोनों पक्ष उसमें अपनी बात रख सकें।

दिल्ली को अगर आप ब्लॉक करते हैं तो शहर के लोगों तक खाने का सामान नहीं पहुंचेगा। बातचीत से आपका मकसद पूरा हो सकता है। धरने पर बैठे रहने से मदद नहीं मिलेगी।

हम भी भारतीय हैं। हम किसानों की हालत से वाकिफ हैं। आपके मकसद से हमदर्दी रखते हैं। आपको सिर्फ अपने विरोध का तरीका बदलना है। हम भरोसा देते हैं कि आपकी बात सुनी जाएगी।

केंद्र सरकार इस पर सोचे कि कानून पर रोक लगाने की क्या संभावनाएं हैं। क्या सरकार सुप्रीम कोर्ट को यह भरोसा दिला सकती है कि इस मामले की सुनवाई होने तक वह कानून को अमल में नहीं लाएगी?