सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत की क्या है महिमा?

0
12

 ब्यूरो : भारत में सुहागिन महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती है क्या आप जानते है करवा चौथ का व्रत क्यों रखा जाता है करवा का क्या मतलब होता है और इस व्रत का क्या महत्व होता है तो चलो जानते है इसके पीछे का रहस्य,

एक करवा नाम की महिला थी जो अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के पास रहती थी एक दिन करवा के पति नदी में स्नान करने गए तो एक मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया और नदी में खिंचने लगा। मृत्यु करीब देखकर करवा के पति करवा को पुकारने लगे। करवा दौड़कर नदी के पास पहुंचीं और पति को मृत्यु के मुंह में ले जाते मगर को देखा। करवा ने तुरंत एक कच्चा धागा लेकर मगरमच्छ को एक पेड़ से बांध दिया। करवा के सतीत्व के कारण मगरमच्छा कच्चे धागे में ऐसा बंधा की टस से मस नहीं हो पा रहा था। करवा के पति और मगरमच्छ दोनों के प्राण संकट में फंसे थे। करवा ने यमराज को पुकारा और अपने पति को जीवनदान देने और मगरमच्छ को मृत्युदंड देने के लिए कहा। यमराज ने कहा मैं ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि अभी मगरमच्छ की आयु शेष है और तुम्हारे पति की आयु पूरी हो चुकी है। क्रोधित होकर करवा ने यमराज से कहा, अगर आपने ऐसा नहीं किया तो मैं आपको शाप दे दूंगी। सती के शाप से भयभीत होकर यमराज ने तुरंत मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया और करवा के पति को जीवनदान दिया। इसलिए करवाचौथ के व्रत में सुहागन स्त्रियां करवा माता से प्रार्थना करती हैं कि हे करवा माता जैसे आपने अपने पति को मृत्यु के मुंह से वापस निकाल लिया वैसे ही मेरे सुहाग की भी रक्षा करना।


यह भी पढ़ें   ‘मन की बात’ में किसानों को समझाने की कोशिश, मोदी बोले- नए अधिकार और मौके मिले

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here