Green Hero’s एक मिसाल: गजेंद्र वर्मा को बेहतरीन सेवाओं के लिए मिला प्रशंसा पत्र

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चंबा ब्यूरो: देवभूमि हिमाचल प्रदेश का प्रकृति ने हरी-भरी जड़ी-बूटी से न सिर्फ श्रृंगार किया है, बल्कि पशु-पक्षियों का भी महफूज ठिकाना बनाया है। हिमाचल प्रदेश वन विभाग के सराहनीय प्रयासों के चलते ही आज हरे-भरे जंगलों को संजोने में कामयाब रहा है। वन विभाग में वर्तमान में कई ऐसे अधिकारी और कर्मचारी है, जो दिन-रात अपनी ड्यूटी ही नहीं करते बल्कि खुद भी अपने व्यक्तिगत जीवन में पर्यावरण के प्रति प्रेम का भाव रखते हैं।

ये कहानी चंबा जिला के साहू क्षेत्र के उस नौजवान की है, जिसने अपनी ड्यूटी और जुनून के बलबूते खुद को प्रकृति के बिल्कुल करीब ला दिया है। आज उनकी लगन और जीव-जंतुओं के प्रति स्नेह और उनके बारे में जानकारी जुटाने के जुनून का हर कोई कायल है। सोशल मीडिया पर फेसबुक पेज के जरिए गजेंद्र वर्मा नई-नई जानकारियां साझा करते रहते हैं। इससे आम लोगों को भी जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के बारे में जानकारी मिलती है और जागरूकता का भाव भी पैदा होता है।हाल ही में हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर के पहले सप्ताह में ‘वन्य प्राणी सप्ताह दिवस के मौके पर ऑनलाइन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें चंबा जिला से गजेंद्र वर्मा ने भी हिस्सा लिया और कई अहम जानकारियों को साझा किया। इसके लिए गजेंद्र वर्मा के पिछले कई वर्षों से जीव-जंतुओं पर की गई रिसर्च के साथ-साथ वन विभाग में बेहतरीन सेवा के लिए उन्हें प्रशंसा पत्र देकर उनकी हौसलाअफजाई की गई है। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ विंग अर्चना शर्मा के जरिए उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। गजेंद्र वर्मा इन दिनों चनेड वन ब्लॉक की उदयपुर बीट में बतौर वन रक्षक तैनात हैं और लगातार बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं। गजेंद्र वर्मा एक मिसाल बनकर उभरे हैं, उन नौजवानों के लिए जो अपनी ड्यूटी और शौक दोनों को बखूबी निभा रहे हैं। उनके फोटोग्राफी के हुनर ने उन्हें आज वाइल्फ लाइफ के करीब पहुंचने में काफी मदद की है। अक्सर गजेंद्र वर्मा तस्वीरों के जरिए जीव-जंतुओं को पेड़-पौधों के बारे में जानकारियां शेयर करते रहते हैं ताकि समाज में बाकी लोग भी इनसे रू-ब-रू हो सके।

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