अमरनाथ गुफा के कुछ ऐसे हैरान करने वाले तथ्य, क्या आप उनसे हैं अंजान?

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डेस्क: अमरनाथ की गुफा श्रीनगर से करीब 145 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।  समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 3,978 मीटर है और यह गुफा 150 फीट ऊंची और करीब 90 फीट लंबी है।

अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए 2 रास्ते हैं- एक पहलगाम होकर जाता है और दूसरा सोनमर्ग बालटाल से होकर जाता है। अमरनाथ गुफा के शिवलिंग को ‘अमरेश्वर’ कहा जाता है। अमरनाथ की यात्रा जुलाई माह में प्रारंभ होती है और यदि मौसम अच्छा हो तो अगस्त के पहले सप्ताह तक चलती है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव इस गुफा में पहले पहल श्रावण मास की पूर्णिमा को आए थे इसलिए उस दिन को अमरनाथ की यात्रा को विशेष महत्व दिया जाता है।

अमरनाथ गुफा के रहस्य
(1) पौराणिक मान्यता के अनुसार इस गुफा को सबसे पहले भृगु ऋषि ने खोजा था। तब से ही यह स्थान शिव आराधना और यात्रा का केंद्र है।

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(2) इस गुफा में भगवान शंकर ने कई वर्षों तक तपस्या की थी और यहीं पर उन्होंने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई थी, अर्थात अमर होने के प्रवचन दिए थे।

(3) मान्यता अनुसार भगवान शिव ने माता पार्वती को जब अमरत्व का रहस्य सुना रहे थे। तब इस रहस्य को शुक (कठफोड़वा या तोता) और दो कबूतरों ने भी सुन लिया था। यह तीनों ही अमर हो गए। कुछ लोग आज भी इन दोनों कबूतरों को देखे जाने का दावा करते हैं।

(4) बाबा अमरनाथ की गुफा में बर्फ से शिवलिंग तैयार होता है, लेकिन इस बर्फ के लिए पानी कहां से आता है, इस बात का पता आज तक नहीं चल सका है |